फिरौती, नकली नोट व देह व्यापार में लिप्त आरोपी गिरफ्तार

February 14, 2020

इंदौर। फिरौती के लिए अपहरण करने वाले तीन आरोपियों को इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नकली नोट चलाने व देह व्‍यापार नेटवर्क में भी इनकी संलिप्‍ता का पता चला है। प्रारंभिक जाँच में पता चला है कि पकड़े गए आरोपी बांग्‍लादेशी है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूट रचना, नकली मुद्रा बनाने, पासपोर्ट एक्‍ट एवं विदेशियों विषयक अधिनियम की विभिन्‍न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

      इंदौर के गौरी नगर निवासी अनिल पाल के अपहरण व उसे दत्‍त नगर स्थित एक मकान में बंधक बनाकर दो लाख रूपये की फिरौती माँगने के आरोप में हीरा नगर थाना पुलिस द्वारा चार आरोपियों को पकड़ा। इनमें से तीन आरोपी बांग्‍लादेशी निकले हैं। पकड़े गए आरोपियों में किशोर खंडारे, मेघा किशोर खंडारे, रौनी शेख व लीमा शामिल है।

      पुलिस द्वारा की गई जाँच में खुलासा हुआ है कि आरोपी लीमा और रौनी शेख बिना वैध दस्‍तावेजों व पासपोर्ट के बांग्‍लादेश से भारत आए थे। आरोपी रोनी शेख ने लीमा को देह व्‍यापार कराने के लिए आरोपी किशोर खंडारे के पास ले गया। आरोपियों से की गई पूछताछ में पता चला कि एक अन्‍य आरोपी मेघा खंडारे, जो कि बांग्लादेशी नागरिक है । वह लगभग 10 वर्ष पूर्व काम की तलाश में बिना वैध पासपोर्ट के मुंबई में आई थी। वह देह व्यापार के काम में लिप्त रही और फिर इसी दौरान लगभग 3 वर्ष उसने वाशिम जिले के रहने वाले एक ड्राइवर किशोर खंडारे से शादी कर ली । इसी अवधि में उसने वापस बांग्लादेश जाकर वहां से बांग्लादेश का पासपोर्ट हासिल कर लिया । उसका असली नाम बेगम खातून पिता अब्दुल शेख है जो कि ग्राम पुलिया , सतखिला , बांग्लादेश की निवासी है ।

 उक्त आरोपी के पास बेगम खातन के नाम से बना बांग्लादेशी पासपोर्ट भी जप्त हुआ है जिस पर वीजा प्राप्त कर वह 2017 में फिर से भारत आई थी तथा काम की तलाश में अपने पति के साथ इंदौर में आकर यहां अलग - अलग स्थानों पर किराए के मकान ले कर रही इंदौर में आरोपी किशोर खंडारे और बेगम खातून उर्फ मेघा ने देह व्यापार को ही अपनी आजीविका का जरिया बनाया । वीजा अवधि समाप्त हो जाने पर बेगम खातन उर्फ मेधा द्वारा अपने पति किशोर खंडारे के साथ मिलकर मेघा खंडारे के नाम से भारत का पासपोर्ट भी हासिल कर लिया। पासपोर्ट के लिए बेगम खातून और मेघा के पति किशोर खंडारे ने अपने मकान मालिक से किराएदारी का 11 माह का अनुबंध बनवाया और अनुबंध पत्र के आधार पर मेघा का आधार कार्ड में इंदौर का पता अपडेट करा लिया। साथ ही फर्जी अंकसूची भी बनवा लीं।

आरोपियों के कब्जे से भारत का पासपोर्ट तथा नकली अंकसची सहित अन्य दस्तावेज भी जप्त हुए हैं। नकली अंकसूची बनाने वाले एवं सहयोग करने वाले आरोपी शिव कुमार यादव एवं अशोक अग्रवाल को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी अशोक अग्रवाल से हुई विस्तृत पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि इसके द्वारा लगभग 100 से भी अधिक नकली अंकसूची पांचवी एवं आठवीं क्लास की बनाई गई है जिसमें से अधिकांश अंकसूची उसने परिवहन कार्यालय इंदौर में एजेंट का कार्य करने वाले बाबूलाल गौर को दी है जो अंकसूची के आधार पर विभिन्न लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि बनवाने एवं कुछ किशोर युवकों को अंकसूची के आधार पर आयु प्रमाणन कराकर उन्हें खेलों में शामिल कराने का काम करता है । इस आधार पर आरोपी बाबूलाल गौड़ पिता नारायण गौड़ नि भाई मोहल्ला, इमली बाजार इंदौर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उक्त सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।

      पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी किशोर खंडारे जब वर्ष 2018 में विश्वास नगर इंदौर में रहता था तब उसके दवारा रंगीन फोटो कॉपी और प्रिंटर खरीद कर अपने घर में 100 ,200 व 500 के नोटों की फोटोकॉपी करा कर लगभग 8-10 हजार रूपये के ये नकली नोट पीथमपुर एवं महूं क्षेत्र में चलाए हैं। आरोपी के कब्जे से नकली नोट के दो नमूने भी जप्त किए गए हैं ।

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1402
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Indore