फेसबुक एड के माध्यम से नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधडी करने वाले आरोपी को भोपाल पुलिस ने किया गिरफ्तार

फेसबुक एड के माध्यम से नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधडी करने वाले आरोपी को भोपाल पुलिस ने किया गिरफ्तार

August 04, 2022

भोपाल। वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा निर्देशन में एवं पुलिस उपायुक्त अपराध श्री अमित कुमार, अति. पुलिस उपायुक्त अपराध श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन एवं सहायक पुलिस आयुक्त सायबर श्री अक्षय चौधरी के नेतृत्‍व में सायबर क्राईम ब्रान्च जिला भोपाल की टीम ने फेसबुक एड के माध्यम से नौकरी देने के नाम पर धोखाधडी करने वाले आरोपी को इन्दौर से गिरफ्तार किया है।

15 जून 2022 को हारिस खान निवासी भोपाल के ने सायबर क्राइम ब्रान्च जिला भोपाल में लिखित शिकायत आवेदन दिया था कि फेसबुक एड के माध्यम से एक मोबाइल नंबर प्राप्त हुआ। उस पर एच आर शर्मा नामक व्यक्ति से नेशनल कंपनी में नौकरी के लिये बात हुई। उसके बाद रजिस्ट्रेशन चार्ज, ट्रेनिंग चार्ज, कंफर्मेशन चार्ज एवं प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर फरियादी के साथ 34 हजार 200 रूपये की धोखाधडी की गई। शिकयती आवेदन में आये तथ्यों एवं प्राप्त तकनीकि जानकारी के आधार पर धोखाधडी मे उपयोग किये गये फोनपे नंबर एवं मोबाइल नंबरं के उपयोगकर्ताओं के विरूद्ध अपराध पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया।

      सायबर क्राइम जिला भोपाल की टीम ने अपराध कायमी के पश्‍चात त्वरित कार्यवाही कर तकनीकि एनालिसिस से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी आलोक आजाद निवासी द्वारकापुरी इन्दौर को इन्दौर से गिरफ्तार किया है। साथ ही आरोपी से अपराध में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन एवं तीन सिम कार्ड भी जब्‍त किए हैं।

आरोपी आलोक आजाद फेसबुक पर वर्क फ्रॉम होम नाम से फेसबुक आईडी बनाता है एवं संपर्क के लिये उस पर अपना मोबाइल नंबर पोस्ट करता है। जो लोग नौकरी के लिये आरोपी से फोन पर संपर्क करते है। आरोपी के द्वारा उन लोगो को जॉब आफर की जाती है। उसके बाद बेरोजगार लोगों को नौकरी देने के नाम पर रजिस्ट्रेशन चार्ज लिया जाता है एवं उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र वाट्सअप कर उनसे विभिन्न प्रकार के चार्ज जैसे रजिस्ट्रेशन चार्ज, ट्रेनिंग चार्ज, कंफर्मेशन चार्ज एवं प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर पैसे जमा करवाकर धोखाधडी करता था। उसके द्वारा किसी भी प्रकार की कोई नौकरी नही दी जाती थी। धोखाधडी का पैसा फोनपे के माध्यम से  बैंक खाते में जमा करवाया जाता था और खाते में पैसा आते ही तुरन्त खाते से पैसा निकाल लेता था और पैसा आने के बाद फरियादियो का मोबाइल नंबर ब्‍लॉक कर देता था। 

वर्तमान में सायबर ठगों द्वारा प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी देने के नाम पर फोन किया जाता है, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन एवं विभिन्न प्रकार के प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर पैसा लिया जाता है।  नौकरी प्रदाय करने वाली कंपनियों को पैसा देने के पूर्व उसकी सत्यता एवं विश्वसनीयता की जांच करें एवं व्यक्तिगत जानकारी व ओटीपी किसी से भी सांझा न करें।

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