मानव दुर्व्यापार निरोधी क्षमता अभिवृद्धि में यह कार्यशाला सहायक होगी, मानव दुर्व्यापार निरोध पुलिस का संवैधानिक दायित्व है- डीजीपी श्री सक्सेना दो दिवसीय "चेतना" कार्यशाला का समापन

मानव दुर्व्यापार निरोधी क्षमता अभिवृद्धि में यह कार्यशाला सहायक होगी, मानव दुर्व्यापार निरोध पुलिस का संवैधानिक दायित्व है- डीजीपी श्री सक्सेना दो दिवसीय "चेतना" कार्यशाला का समापन

September 22, 2022

भोपाल। यह कार्यशाला मानव दुर्व्‍यापार निरोधी क्षमता अभिवृद्धि में अत्‍यंत सहायक होगी। इससे आप सभी की ज्ञानवृद्धि तथा कानूनी प्रक्रियाओं की समझ बढ़ेगी जो कि संबंधित कानूनों को लागू करने में सहायक होगी। उक्‍त उद्गार पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर सक्‍सेना ने आज पुलिस मुख्‍यालय के काँफ्रेंस हॉल में महिला सुरक्षा शाखा द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला ''चेतना'' के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कही। उन्‍होंने कहा कि भारतीय संविधान मानव दुर्व्‍यापार निरोध करता है। यह पुलिस का संवैधानिक दायित्‍व है। उन्‍होंने कहा कि ऐसे प्रकरणों में पीडित के प्रति पूरी संवेदनशीलता होनी चाहिए और हमेशा मुख्‍य अपराधी तक पहुँचना चाहिए ताकि इस बुराई का उन्‍मूलन किया जा सके। सभी सं‍बंधित विभागों जैसे महिला बाल विकास, श्रम, अजा/अजजा कल्याण सहित सभी स्टेक होल्डर से समन्‍वय बनाकर ही इसका निदान किया जा सकता है।

    डीजीपी श्री सक्‍सेना ने बहुत ही सफल और प्रासंगिक विषय पर आयोजित कार्यशाला के लिए सभी को हार्दिक बधाई दी। उन्‍होंने इस अवसर पर महिला सुरक्षा शाखा द्वारा निर्मित ''चेतना'' पोस्‍टरस् बुक का विमोचन किया।चेतना का निर्माण महिला सुरक्षा शाखा के अधिकारियों  द्वारा ह्युमन ट्रेफेकिंग के प्रति जागरुकता लाने के लिए किया गया। डीजीपी ने दो उत्‍कृष्‍ट प्रतिभागी एएसपी श्री अवधेश प्रताप सिंह तथा श्री राकेश खाका को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया। कार्यशाला के प्रतिभागियों एएसपी श्रीमती ऋचा चौबे तथा एएसपी श्री अवधेश प्रताप सिंह ने कार्यशाला में प्राप्‍त ज्ञान आदि के अनुभव प्रस्‍तुत किए। इस अवसर पर अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक महिला सुरक्षा शाखा श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्‍तव तथा सहायक पुलिस महानिरीक्षक एस.आई.एस.एफ. श्री वीरेन्‍द्र मिश्रा ने भी  अपने विचार साझा किए। एआईजी श्रीमती शालिनी दीक्षित ने आभार प्रदर्शन किया।

इस कार्यशाला में प्रदेश के रेल, एस.टी.एफ. एवं अपराध अनुसंधान विभाग तथा 27 जिलों के मानव दुर्व्यापार निरोधी इकाई के नोडल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के 32 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

सहायक पुलिस महानिरीक्षक एस.आई.एस.एफ. श्री वीरेन्द्र मिश्रा कार्यशाला का संचालन किया। सहायक प्राध्यापक (टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइस, मुंबई महाराष्ट्र) सुश्री तृप्ति झवेरी पांचाल, निदेशक (बाल कल्याण संघ रांची, झारखण्ड) श्री संजय कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव सेवा संस्थान, गोरखपुर, उत्तरप्रदेश) श्री राजेश मणि, निदेशक (रति फांउडेशन, मुंबई महाराष्ट्र) सुश्री उमा सुब्रमणयन, (संवेदना एन.जी.ओ. भोपाल) व्याख्याता श्री रमानी रंजन ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री जी.पी.सिंह, श्रीमती अनुराधा शंकर, श्री विपिन माहेश्वरी, श्री आलोक रंजन, श्री अनिल कुमार सहित अन्य  अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

 

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